प्राइम वीडियो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर 8 नवंबर को एक नई तमिल फिल्म रिलीज की गई है जिसका नाम ‘पोगुमिदम वेगु थूरमिल्लै’ है, जिसकी भाषा तमिल के साथ-साथ हिंदी में भी है। फिल्म की लंबाई 2 घंटे 14 मिनट की है और इसका жанр मिस्ट्री है। मूवी का निर्देशन ‘माइकल के. राजा’ ने किया है, जिन्होंने इस फिल्म से ही अपना निर्देशन डेब्यू किया है।
फिल्म की कहानी एक रसूखदार व्यक्ति ‘नरसिम्हा पटेल’ की डेड बॉडी पर आधारित है। कहानी वैन ड्राइवर ‘कुमार’ (विमल) के किरदार पर केंद्रित है, जिसकी पत्नी गर्भवती है और अस्पताल में भर्ती है। वह अपनी पत्नी को अपने दादाजी के पास छोड़कर एक डेड बॉडी को ट्रांसपोर्ट करने निकल पड़ता है, ताकि उसे कुछ पैसे मिल सकें, जो उसकी पत्नी की डिलीवरी के समय अस्पताल में मदद कर सकें।
डेड बॉडी ‘नरसिम्हा पटेल’ की है, जो गोधरा में रहने वाले एक रसूखदार व्यक्ति थे। उनके दो बेटे, शंकर पटेल और वीरेंद्र पटेल, हैं, जिनके बीच बिल्कुल भी नहीं बनती। एक बेटा सामाजिक दबाव के कारण, तो दूसरा अपनी मां की आखिरी इच्छा के कारण अपने पिता नरसिम्हा पटेल का अंतिम संस्कार करना चाहता है। यहीं से फिल्म में ट्विस्ट शुरू होता है, क्योंकि दोनों में से केवल एक ही अंतिम संस्कार करेगा।
वहीं दूसरी तरफ, ड्राइवर कुमार नरसिम्हा पटेल की बॉडी को लेकर गोधरा की ओर बढ़ रहा होता है। रास्ते में उसे ‘नलिनमूर्ति’ (करुणास) नाम का एक व्यक्ति मिलता है, जो एक कोथु आर्टिस्ट है। कुमार उसे लिफ्ट दे देता है। आगे की कहानी में दिखाया गया है कि कुमार और नलिनमूर्ति अपने सफर को कैसे पूरा करते हैं और इस दौरान उन्हें किन-किन मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। पूरी कहानी जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी होगी, जो अमेज़न प्राइम वीडियो के प्लेटफॉर्म पर हिंदी में उपलब्ध है।
टेक्निकल एस्पेक्ट
यह फिल्म तमिल इंडस्ट्री की है, जिसके कारण इसकी प्रोडक्शन क्वालिटी सामान्य है। इसका बैकग्राउंड म्यूजिक सही समय पर सटीक ढंग से फिल्म में डाला गया है, जो इसके इमोशनल सीन्स में चार चांद लगा देता है।
खामियां
फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसकी लंबाई है, जिसे एडिटिंग के दौरान कम किया जाना चाहिए था। मूवी में कई सारे किरदार दिखाए गए हैं, जिसके कारण हिंदी दर्शकों को इन्हें याद रखने में परेशानी हो सकती है।
फाइनल वर्डिक्ट
फिल्म की कहानी एकदम नए कॉन्सेप्ट पर आधारित है, जिसे पहले किसी फिल्म में नहीं देखा गया होगा। ड्राइवर कुमार और नलिनमूर्ति फिल्म के क्लाइमेक्स में दर्शकों के दिलों को छू जाते हैं। इसकी पटकथा बेहतरीन है, जिसे एक मास्टरपीस माना जा सकता है। इस तरह की फिल्म तमिल इंडस्ट्री से काफी समय बाद देखने को मिली है। कहानी के साथ दर्शक पूरी तरह से खुद को जोड़ पाएंगे। फिल्म के मेकर्स ने इसके किरदारों के डेवलपमेंट पर भी अच्छा काम किया है। अगर आप एक थ्रिलिंग मूवी देखना चाहते हैं, जो पूरी तरह से पारिवारिक हो, तो आप इस फिल्म को रिकमेंड कर सकते हैं, जो आपको निराश नहीं करेगी।
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