अगर आप उन लाखों छात्रों में से हैं जो परीक्षाओं की तैयारी में जूझ रहे हैं, तो टीवीएफ की नई वेब सीरीज ‘हाफ सीए’ का दूसरा सीजन “हाफ सीए सीजन 2” आपके लिए परफेक्ट है। यह सीरीज चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की कठिन यात्रा को इतने रीयल तरीके से दिखाती है कि लगता है जैसे आपकी अपनी कहानी हो। यह अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर 27 अगस्त को रिलीज़ कर दी गई है, यह सीरीज पहले सीजन की तरह ही इंस्पायरिंग है लेकिन इस बार रिश्तों और पर्सनल चुनौतियों को ज्यादा गहराई से एक्सप्लोर करती है।
प्लॉट और कैरेक्टर्स की झलक
सीरीज की कहानी निरज (ज्ञानेंद्र त्रिपाठी) और उनकी कजिन आर्ची (अहसास चन्ना) के इर्द-गिर्द घूमती है। निरज जो 30 की उम्र पार कर चुका है, अभी भी सीए फाइनल एग्जाम क्लियर करने की कोशिश में लगा है। इस बार उसकी जिंदगी में पुरानी लवर काव्या की एंट्री होती है, जो उसकी ज़िंदगी को और कॉम्प्लिकेटेड बना देती है।

वहीं आर्ची आर्टिकलशिप और स्टडीज को बैलेंस करने में संघर्ष कर रही है। रोहन जोशी का कैरेक्टर पार्थ एक सख्त सीनियर के रूप में आर्ची को चैलेंज करता है, जो रीयल लाइफ इंटर्नशिप की याद दिलाता है। टीवीएफ की ट्रेडिशनल स्टाइल में यहां ह्यूमर, ड्रामा और इमोशंस का अच्छा मिक्स है।
सीए कोर्स भारत का सबसे टफ प्रोफेशनल कोर्स माना जाता है और यह सीरीज ठीक वैसी ही चुनौतियां दिखाती है,जैसे मुंबई की भागदौड़, फैमिली प्रेशर और सेल्फ-डाउट।
एक्टिंग और डायरेक्शन की तारीफ
एक्टर्स ने कमाल का काम किया है, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी निरज के रूप में इतने नेचुरल लगते हैं कि आप उनके स्ट्रगल से कनेक्ट हो जाते हैं। वो अकेलापन, प्यार की उलझन और डिटर्मिनेशन सब कुछ महसूस होता है। अहसास चन्ना आर्ची के रोल में फिर से बढ़िया लगती हैं उनकी वल्नरेबिलिटी और स्ट्रेंथ देखते ही बनती है। प्रीत कमानी और मनु बिष्ट जैसे सपोर्टिंग कैरेक्टर्स को थोड़ा और स्क्रीन टाइम मिलता तो मजा दोगुना होता।
डायरेक्टर प्रतिश मेहता ने एपिसोड्स को क्रिस्प रखा है और हर सीन में मुंबई की रीयल वाइब कैद की गई है। बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमेटोग्राफी इतनी अच्छी है कि लगता है घर बैठे हॉस्टल की जिंदगी जी रहे हो। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिव्यू में कहा गया है कि टीवीएफ की सीरीज हमेशा एजुकेशन सिस्टम की खामियों को हाइलाइट करती हैं और यह वाली भी वैसी ही है।

क्या अच्छा है और क्या सुधार की जरूरत
सबसे अच्छी बात है सीरीज का मैसेज “कभी हार मत मानो” है । यह सरोजा रामचंद्रन जैसी रीयल लाइफ इंस्पिरेशन को ट्रिब्यूट देती है, जो 59 साल की उम्र में सीए बनीं। रिलेटेबल मोमेंट्स जैसे निरज का बुजुर्ग पड़ोसी से बॉन्डिंग या आर्ची की इंटर्नशिप स्ट्रगल्स, सब दिल छूते हैं। हालांकि क्लाइमैक्स में कुछ टेंशन फोर्स्ड लगते हैं, जैसे रिलेशनशिप ड्रामा को जबरदस्ती डाला गया हो। इसके एपिसोड्स की लंबाई थोड़ी टाइट की जा सकती थी ताकि बोरियत न हो। कुल मिलाकर यह उन लोगों के लिए मस्ट-वॉच है जो जेईई या नीट के अलावा दूसरे प्रोफेशनल कोर्सेज की हकीकत जानना चाहते हैं।
क्यों देखें यह सीरीज?
अगर आप स्टूडेंट हैं या कभी स्ट्रगल किया है, तो ‘हाफ सीए 2’ आपको खूब मोटिवेट करेगी। यह सिर्फ एग्जाम्स की नहीं, बल्कि लाइफ की बात करती है, जैसे की “सपने अपनी काबिलियत से मैच करने चाहिए, लेकिन कोशिश कभी बंद नहीं”। दोनों सीजन देखें, क्योंकि पहले वाला बैकस्टोरी देता है।
टीवीएफ ने फिर से साबित किया कि वो स्लाइस-ऑफ-लाइफ जॉनर के मास्टर हैं।
अगर आपने ‘कोटा फैक्ट्री’ या ‘अस्पिरेंट्स’ पसंद की है तो यह आपको खूब पसंद आएगी।
READ MORE
अगस्त 2025 के अंत में OTT पर धमाकेदार रिलीज
तेज़ा सज्जा की नई फिल्म मिराई, हनुमान की सफलता के बाद अगला धमाका