बाइपण भारी देवा, छावा, आम्ही जरंगे, बाबू जैसी फिल्में मराठी इंडस्ट्री को एक नए मुकाम पर लाने का प्रयास कर रही हैं। इसी प्रयास को आगे बढ़ाने के लिए बेटर हाफची लव्ह स्टोरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ कर दिया गया है। शीलकुमार अग्रवाल और अल्ट्रा मीडिया एंड एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्देशक हैं संजय अमर। सुबोध भावे, रिंकू राजगुरु, प्रार्थना बेहेरे और अनिकेत विश्वासराव जैसे कलाकार देखने को मिलेंगे। आइए जानते हैं कैसी है यह फिल्म।
कहानी
संजय अमर द्वारा बनाई गई बेटर हाफची लव्ह स्टोरी है, साथ ही इसके साथ देखने को मिलेगा कॉमेडी के साथ हॉरर का तड़का। सुबोध भावे और रिंकू राजगुरु की जोड़ी पहली बार मराठी सिनेमा के बड़े पर्दे पर देखने को मिल रही है। यहां सस्पेंस थ्रिलर के साथ कॉमेडी भी दिखाई गई है।
Packed with laughter and emotions, ‘Better Half Chi Love Story’ is here to redefine what it truly means to be someone’s better half! 🎬
— Cinépolis India (@IndiaCinepolis) August 19, 2025
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यही वजह है कि फिल्म के प्रति दर्शकों की उत्सुकता कुछ ज्यादा ही थी। कहानी सुबोध भावे के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है। यहाँ में ट्विस्ट तब आता है जब सुबोध भावे की पत्नी की आत्मा आती है रिंकू राजगुरु के शरीर में। अब आप यह अंदाज़ा लगा सकते हैं कि एक औरत की आत्मा पुरुष के शरीर में आ गई है, तो आगे क्या होने वाला है। यहां हॉरर कॉमेडी को अच्छे से पेश किया गया है, जो दर्शकों को हंसाने और उनका भरपूर मनोरंजन करने में कामयाब रहती है।
कहानी का पहला हिस्सा जहां हंसी-मज़ाक से भरा हुआ है, वहीं इसका दूसरा हिस्सा सस्पेंस और ट्विस्ट से भरा हुआ है, जो सिनेमाघरों में दर्शकों को सीट से उठने नहीं देता। बहुत से ऐसे मज़ेदार सीन यहां देखने को मिलते हैं, जिनका अनुभव लेने के लिए आपको सिनेमाघरों तक जाना होगा।

प्लस पॉइंट
फिल्म के प्लस पॉइंट की बात की जाए तो कहानी में जो सबसे पहला प्लस पॉइंट आता है, वह है रिंकू राजगुरु का किरदार। जब इनके शरीर में सोनिया की आत्मा आती है, तब ये अपनी अदाकारी से मनोरंजन का पासा फेंकते हैं, जो देखने में मज़ेदार है। इस फिल्म के ज़रिए रिंकू राजगुरु ने यह साबित कर दिया कि वह कितने अच्छे एक्टर हैं। सुबोध भावे का गंभीर किरदार भी फिल्म में अलग तरह की जान डालने की कोशिश करता है, जो मनोरंजन से भरा हुआ है।
सुबोध भावे और रिंकू राजगुरु ने अपने-अपने किरदारों के माध्यम से दर्शकों को डराने के साथ-साथ हंसाने का काम भी बड़े अच्छे से किया है। प्रार्थना बेहेरे भी अपने ग्लैमरस किरदार में काफी आकर्षक लगती हैं। म्यूज़िक इमोशन और रोमांस को अच्छे से प्रस्तुत करने में मदद करता है। फिल्म की एडिटिंग भी ठीक-ठाक है। सिनेमैटोग्राफी और बेहतर हो सकती थी, पर फिर भी जैसी है, अच्छी है। फिल्म को देखकर लगता है कि वीएफएक्स और कलर ग्रेडिंग पर काफी मेहनत की गई होगी। पहले हाफ की तुलना में दूसरा हाफ ज़्यादा मनोरंजन से भरा हुआ है।

निगेटिव पॉइंट
फिल्म का жанर हॉरर कॉमेडी है, लेकिन बीच-बीच में रोमांस का दिखाया जाना कहानी को अपनी दिशा से भटकने लगता है। अगर दूसरे हाफ के सस्पेंस को पहले हाफ की कॉमेडी के साथ मिलाकर शुरू से दिखाया जाता, तो फिल्म देखने का मज़ा और भी बढ़ सकता था। हॉरर सीन कम हैं, कॉमेडी और रोमांस सीन ज़्यादा। यह फिल्म युवा मराठी दर्शकों को खासा पसंद आएगी, क्योंकि इसे उनके ध्यान में रखकर ही बनाया गया है।

निष्कर्ष
मराठी फिल्मों को प्रोत्साहन मिलता रहना चाहिए ताकि इस तरह की और भी नए-नए कांसेप्ट पर फिल्में आती रहें और मराठी दर्शकों का मनोरंजन करती रहें। यह एक ठीक-ठाक मनोरंजन से भरी फिल्म है, जिसे पूरे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सकता है। यह मनोरंजन के साथ-साथ दिल से जुड़ जाएगी। मेरी तरफ से इसे दी जाती है 5 में से 3 स्टार की रेटिंग।
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