अंकुश अरोड़ा और सिद्धांत सचदेवा द्वारा लिखी गई कहानी जिसे सिद्धांत सचदेवा के सह निर्देशन में फिल्म का रूप दिया गया है, यह फिल्म 1 मई 2025 को थिएटर्स में रिलीज कर दी गई है जिसमें मुख्य कलाकारों के तौर पर आपको संजय दत्त, मोनी रॉय, पलक तिवारी, आसिफ खान नवनीत मलिक और सनी सिंह जैसे बेहतरीन कलाकारों के साथ और भी कई कलाकारों की एक्टिंग देखने को मिलेगी।
एक्शन हॉरर और कॉमेडी जॉनर की यह फिल्म देखने के लिए आपको 2 घंटा 10 मिनट का टाइम देना होगा। फिल्म का निर्माण सोहम रॉकस्टार एंटरटेनमेंट, तीन आयाम मोशन पिक्चर्स और ज़ी स्टूडियोज़ के द्वारा किया गया है।
हॉरर और कॉमेडी के मेल जोल को पसंद करने वाले दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए थिएटर्स में पहुंच रहे है और फिल्म को अच्छा रेस्पॉन्स भी मिल रहा है। जब इस फिल्म का टीज़र और ट्रेलर रिलीज़ किया गया था तब ये फिल्म इतनी ज़्यादा इम्प्रेसिव नही लग रही थी लेकिन रिलीज़ के बाद दर्शकों का थिएटर्स में पहुंचना फिल्म के लिए एक अच्छा संकेत है।
आइये जानते है कैसी है फिल्म की कहानी और क्या ये फिल्म आपको देखनी चाहिए और अगर हाँ तो क्या है उसके पीछे की वजह।

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द भूतनी मूवी स्टोरी:
हॉरर और कॉमेडी से भरपूर इस फिल्म की कहानी की शुरुआत एक कॉलेज से होती है। इस कॉलेज के परिसर के बीचो-बीच में वर्जिन ट्री नाम का एक पेड़ होता है जो हर साल वैलेंटाइंस डे पर एक अलग तरह की रौनक़ से भर जाता है क्यूंकि सभी प्यार करने वाले अपने प्यार को पाने के लिए इसके पास आकर अपनी मुराद मांगते है।
इसके ठीक विपरीत कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इस पेड़ को पूरी तरह से श्रापित मानते हैं क्योंकि बहुत से ऐसे स्टूडेंट भी है जिन्होंनेइस पेड़ की वजह से आत्महत्या कर ली होती है। फिल्म की कहानी इंटरेस्टिंग मोड तब लेती है जब एक दिल टूटा आशिक शांतनु (सनी सिंह) इस पेड़ को अपने टूटे हुए दिल की दास्तान सुनाता है उसके बाद से ही शांतनु के जीवन में आत्मा मोहब्बत की एंट्री हो जाती है।
इसके बाद फिल्म में घोस्ट हंटर कृष्णा त्रिपाठी (संजय दत्त) की एंट्री होती है जो इस आत्मा के चंगुल से शांतनु को छुड़ाने के प्रयास में लग जाते है।क्या कृष्णा त्रिपाठी शांतनु को इस आत्मा से छुड़ा पायेगा जानने के लिए आपको इस फिल्म को थिएटर में जाकर देखना होगा।
कैसी है प्रोडक्शन क्वालिटी?
बात करे अगर एक्टर्स की परफॉरमेंस की तो शांतनु के किरदार में सनी सिंह के चारों ओर कहानी घूमती है इसके साथ पलक तिवारी भी अन्या के रोल में ठीक ठाक परफॉर्मेंस देते हुए नजर आ रही है। फिल्म का एक बहुत ही अहम रोल,आत्मा मोहब्बत का रोल निभाते हुए मोनी रॉय जैसी बेहतरीन कलाकार देखने को मिलेगी।
लेकिन असली मजा फिल्म में संजय दत्त के द्वारा डाला गया है। फिल्म में अच्छा डायरेक्शन भी देखने को मिलेगा उसके साथ ही कई लूप होल्स भी इसमें है जो एक मज़बूत कहानी को एग्जिक्यूशन के मामले में कमज़ोर बनाते है।
फिल्म के माईनस ओर प्लस पॉइंट्स:
शुरुआत से कहानी आपको पूरी तरह से जोड़ लेगी लेकिन उसके साथ ही बीच बीच में कुछ ऐसे सीन्स भी देखने को मिलेंगे जिन्हें ज़बरदस्ती जोड़ा गया फील होगा।
फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक इसका प्लस पॉइंट है जिसे अमर मोहिली के द्वारा प्रस्तुत किया गया है लेकिन बात करे अगर सॉन्ग्स की तो स्त्री 2 की तरह इस हॉरर कॉमेडी फ़िल्म के सॉन्ग उतने ज़्यादा प्रभावी नही है जो दर्शकों को लुभाने मे कामयाब हो पाते।
निष्कर्ष:
अगर आप संजय दत्त ओर मोनी रॉय के बड़े फैन है तो एक बार इस फिल्म को ट्राई कर सकते है जो आपको अच्छा एक्सपीरियंस देगी लेकिन बहुत ज़्यादा हाई एक्सपेक्टेशन के साथ फिल्म को न देखें।फिल्मीड्रिप की तरफ से इस हॉरर कॉमेडी को 5 में से 3 स्टार की रेटिंग दी जाती है।
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